
कर्नल शिवेंद्र प्रताप सिंह कंवर ने कड़वा सच कहा जिसे सुनकर कई लोगों के ‘इगो’ को चोट लग सकती है। उन्होंने कहा कि जहाँ भी हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, और उत्तर प्रदेश की गाड़ियाँ पहुँच जाती हैं, वहाँ कुछ नहीं बचता। सब बर्बाद हो जाता है। मुझे उत्तराखंड जैसी जगहें बहुत पसंद है लेकिन उन्होंने इन खूबसूरत पहाड़ों को नष्ट कर दिया है।
कर्नल कंवर ने वही कहा जो सब लोग सोचते हैं.. खासकर पहाड़ों में रहने वाले स्थानीय लोग। पहाड़ कोई कंक्रीट का जंगल नहीं हैं। जब हजारों गाड़ियां एक साथ इन संवेदनशील पहाड़ों में पहुंचती हैं, तो उनका धुआं, प्रदूषण और पर्यटकों द्वारा फेंका गया कचरा (प्लास्टिक, बीयर की बोतलें, चिप्स और मैगी के पैकेट) वहां के ईकोसिस्टम को बर्बाद कर देता है। ये लोग पहाड़ों पर शांति या प्रकृति का आनंद लेने नहीं, बल्कि पार्टी करने आते हैं। तेज म्यूजिक बजाना, हुड़दंग मचाना और स्थानीय संस्कृति और लोगों का अनादर करते हैं। पहाड़ों में पानी और बिजली जैसी बुनियादी चीजें सीमित होती हैं। जब अचानक से लाखों पर्यटक वहां पहुंचते हैं, तो स्थानीय लोगों के लिए पानी तक का संकट खड़ा हो जाता है। पहाड़ों को एक संवेदनशील ईकोसिस्टम की तरह देखने के बजाय, ये लोग इसे सिर्फ अपना वीकेंड प्लेग्राउंड समझते हैं। ये नहीं समझते कि पहाड़ों को बर्बाद नहीं करना, बल्कि उनको बचाना है। यह अनियंत्रित मास टूरिज्म हिमालयी राज्यों को बर्बाद कर देगा।
संग्रह – समाचार 18


