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Monday, August 31, 2026
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रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री धामी ने बहनों को दिया भरोसे का संदेश, बोले—बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरी सबसे बड़ी ताकत l

न्यूज डेस्क समाचार 18

रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री धामी ने बहनों को दिया भरोसे का संदेश, बोले—बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरी सबसे बड़ी ताकत

GMS रोड स्थित फार्म में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं, महिला सम्मान और सुरक्षा को बताया सरकार की प्राथमिकता

देहरादून। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देहरादून के GMS रोड स्थित एक फार्म में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की मातृशक्ति एवं बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, स्नेह और सुरक्षा के संकल्प को मजबूत करने वाला पवित्र त्योहार है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड की बहनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सेवा करते हुए जब उन्हें मातृशक्ति और बहनों का आशीर्वाद मिलता है तो उन्हें समाज और प्रदेश के हित में बेहतर कार्य करने की नई ऊर्जा मिलती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं में महिलाओं का विशेष स्थान रहा है। प्रदेश की महिलाएं आज परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, राजनीति, प्रशासन, उद्योग और सामाजिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बेटियों और बहनों को आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।

‘बहनों की सुरक्षा और सम्मान के लिए सरकार प्रतिबद्ध’

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को लेकर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की हर बेटी को शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार और स्वरोजगार के रास्ते मजबूत किए जाएं।

उन्होंने कहा कि एक भाई के रूप में उनका यह संकल्प है कि प्रदेश की बहनों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बहनों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को लेकर किसी भी तरह की झिझक न रखें और अपनी बात सरकार तथा प्रशासन तक पहुंचाएं।

मातृशक्ति को बताया उत्तराखंड की असली शक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने हमेशा कठिन परिस्थितियों में परिवार और समाज को संभालने का काम किया है। पहाड़ से लेकर मैदान तक महिलाओं की मेहनत और योगदान प्रदेश की प्रगति की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना विकसित और सशक्त उत्तराखंड की कल्पना पूरी नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को केवल लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त भागीदार बनाना है। महिला स्वयं सहायता समूहों, स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

रक्षाबंधन पर भाई-बहन के रिश्ते को बताया अनमोल

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक गहराई को दर्शाने वाला पर्व है। बहन द्वारा भाई की कलाई पर राखी बांधना केवल एक रस्म नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की भावना का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में इस पर्व का महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेश की सभी बहनों को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है।

कार्यक्रम में दिखा उत्साह और आत्मीयता का माहौल

GMS रोड स्थित फार्म में आयोजित कार्यक्रम में रक्षाबंधन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और बहनों ने मुख्यमंत्री को रक्षासूत्र बांधकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भी सभी बहनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का यह पर्व समाज में भाईचारे, प्रेम, विश्वास और महिला सम्मान की भावना को और मजबूत करे, यही उनकी कामना है।

मुख्यमंत्री ने अंत में प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी मिलकर ऐसा उत्तराखंड बनाने का संकल्प लें, जहां हर बेटी सुरक्षित हो, हर बहन सम्मानित हो और हर महिला आत्मनिर्भर बने। उन्होंने कहा कि बहनों के चेहरे पर मुस्कान और उनके जीवन में सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करना ही रक्षाबंधन की भावना को सही मायने में सार्थक करेगा।

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